Khatima Social Worker Rakesh Kumar Birth Chart - Kundali Information




चरित्र

आपके अन्दर अनेक वांछनीय गुण हैं। प्रथमतः आप काम का आनन्द लेते हैं, आपमें अपना काम करने की असीम शक्ति और सामथ्र्य है। आपस दैव सजग रहते हैं। इन सभी गुणों के समागम के कारण आपका आपने क्रियाक्षेत्र परव्यापक प्रभाव होता है।आश्चर्यजनक रूप से आप अपने काम में व्यावहारिक हैं, आपमें छोटी-छोटी बातों को याद रखने का अद्भुत सामथ्र्य है। आपके लिये ये छोटी-छोटी बातें इतनी महत्वपूर्ण होती हैं कि इनके कारण आप अपने सहकर्मियों को कभी-कभी परेशान कर देते हैं। आप किसी चहरे को कभी नहीं भूलते हैं, हांलाकि नाम याद रखने में आप अपेक्षाकृत उतने अचूक नहीं हैं।आप एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिसे सभी विषयों से जुड़े ‘क्यों व कहां’ जैसे प्रश्नों के उत्तर चाहिए होते हैं। जब तक आप इनसे संतुष्ट नहीं हो जाते है, आप कार्य प्रारम्भ नहीं करते हैं। साथ ही साथ कभी-कभी आप बड़ी चूक कर देते हैं, जिसके कारण लोग आपको ‘काम को टालनेे वाला’ समझते हैं।आप बहुत हीे संवेदनशील हैं और प्रायः आगे बढ़ने के अवसरों पर पीछे लौट जाते हैं। यह आपके नेतृत्व के गुण में बाधक है। आप अपने कार्य करने के कई तरीकों को नापसन्द करते हैं। निश्चय ही आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं।


                  (चलित चार्ट)



                  (नवमांश चार्ट)

सौभाग्य व संतुष्टि
आप सकारात्मक सोच वाले और आत्मविश्वासी व्यक्ति हैं। आप सदैव कार्यों के सही होने की आशा करते हैं व वर्तमान परिणाम को जाने देने की क्षमता रखते हैं। आप दयालु तथा सहिष्णु हैं, व्यावहारिक हैं एवं सूक्ष्म गहराइयों में जाकर किसी भी अवधारणा को पूर्णतः समझते हैं। जीवन के प्रति आप विश्वास और दार्शनिक दृष्टिकोण रखते हैं, जो कि जीवन मेें आपको कई मौके देता है और सफलता पाने में आपकी मदद करता है।

जीवन शैली

बच्चे आपको अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने में अत्यधिक प्रेरणा देते हैं। आपको उनके प्रति कर्तव्य का अनुभव करना चाहिए। इस प्रेरणा का आपको पूर्णतः प्रयोग करना चाहिए, लेकिन ये ध्यान रखें कि आप वही कर रहे हैं जो आप करना चाहते हैं तथा सिर्फ उन्हें अपने कर्तव्यों के कारण ही नहीं कर रहे हैं।

रोजगार

आपको ऐसा कार्यक्षेत्र चुनना चाहिए जिसमें आप समूह में काम करते हों और जहाँ कार्य सम्पन्न करने की समय-सीमा अनिश्चित हो।आपको कोई ऐसा कार्यक्षेत्र चुनना चाहिए, जहाँ सहभागिता से काम होता हो,उदाहरणार्थ समूह का नेतृत्व करना आदि।

व्यवसाय

आप व्यवस्थित और फिक्रमन्द होने के कारण सिविल सेवा के लिये उपयुक्त हैं। आप बैंकिंग में अच्छा करेंगे व आपके अन्दर शैक्षिक क्षेत्र में जाने के लिये सभी गुण मौजूद हैं। व्यापार में जहां सफलता दैनिक-नियम पर निर्भर करती है, आप प्रसन्न रहेंगे। ऐसे सभी पद जिन्हें निरन्तरता एवं परीक्षा के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है, आपकी पहुंच में होंगे। आप एक विलक्षण फिल्म निर्देशक बन सकते हैं, लेकिन आपको अभिनय के क्षेत्र में नहीं जाना चाहिए, क्योंकि आपका मिजाज उसके अनुकूल नहीं है।

स्वास्थ्य

आपकी स्वास्थ्य-संरचना बहुत अच्छी है, लेकिन आपस्नायु-विकार एवं अपच से पीडि़त रह सकते हैं। पहले का कारण आपकी जरूरत से ज्यादा संवेदनशील प्रकृति है। आप अपेक्षाकृत शीघ्रता से अपनी जीवन-ऊर्जा खो देते है और वह जीवन, आप जिसका आनन्द लेते हैं, इसमें आपकी कोई मदद नहीं करता। अति भोग, अपच का मुख्य कारण है। अपच का मुख्य कारण अधिकता में लिया गया भोजन है। जो आप खाते हैं, या तो वह बहुत भारी होता है या दिन में बहुत देरी से लिया हुआ होता है।

रुचि

समय व्यतीत करने के ऊर्जावान तरीके आपको आकर्षित करते हैं और वो आपका सर्वाधिक भला भी करते हैं। तीव्र खेल जैसे फुटबाॅल और टेनिस इत्यादि आपकी ऊर्जा के उपयोग के लिये बेहतरीन खेल हैं और आप इसके पूर्णतः अनुकूल हैं। आप मध्य आयु में सैर करना पसन्द करेंगे, लेकिन आप चार की जगह चैदह मील की सोचेंगे। अवकाश काल में आप हाथ में समाचार पत्र लिये बैंच पर बैठकर सिर्फ भोजन की प्रतीक्षा नहीं कर सकते। सबसे दूरस्थ पहाडि़यां आपको आकर्षित करती हैं और आप यह जानना चाहते हैं कि वे पास से कैसी दिखती हैं।

प्रेम आदि

आप प्रेम को बड़ी गम्भीरता से लेते हैं। वस्तुतः, आपसे पाने का प्रयास इस तरह करते हैं, कि आपका प्रिय उससे भयभीत हो सकता है। एकबार प्रेम की निर्बाध धारा प्रवाहित होना प्रारम्भ हो जाए, आप दर्शाते हैं कि आपका लगाव गहरा व वास्तविक है। आप एक सहानुभूतिपूर्ण जीवनसाथी हैं और जिससे आप विवाह करेंगे, वह आपका अखण्ड प्रेम प्राप्त करेगा। हांलाकि आप उससे यह उम्मीद करते हैं कि वह आपकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुने, परन्तु आपके अन्दर दूसरों की बात को ध्यान से सुनने का धैर्य नहीं है।

आर्थिक

वित्त संबन्धी मामलों में, आपको किसी बात की चिन्ता की आवश्यकता नहीं है। आपके मार्ग में कई सुअवसर आएंगे। आप शून्य से भी काफी कुछ बना सकते हैं, बड़ी एवं उतार-चढ़ाव वाली योजनायें, आपका एकमात्र जोखिम हैं। वित्त के सम्बन्ध में आप अपने मित्रों के लिये, यहाँ तक कि स्वयं के लिये एक पहेली होंगे। आप अपने धन का असामान्य तरीकों मे निवेश करेंगे। सामान्य तौर पर, आप पैसा बनाने में सफल रहेंगे मुख्यतः जमीन, घर, अचल सम्पत्ति से जुडे हुए क्षेत्रों में।

शिक्षा

आपके अंदर गजब की फुर्ती है और आप जीवन में कुछ प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन अपने स्वयं के बनाए विरोधाभासों में फँस कर आप अपनी शिक्षा से विमुख हो सकते हैं। ऐसे में आपको इन सभी बातों को त्याग कर खुले दिल से सोचना चाहिए। आपको यह समझना चाहिए कि जो आप हैं, आप उससे भी बेहतर हो सकते हैं और उसके लिए आपको अपनी शिक्षा का दायरा बढ़ाना होगा। यदि आप एक योजना बना कर शिक्षा प्राप्त करेंगे तो आपको जबरदस्त सफलता हासिल होगी। आप जो कुछ भी जानते हैं उसे अन्य लोगों के समक्ष प्रस्तुत करना पसंद करते हैं। वास्तव में यहीं से आप सीखना प्रारंभ कर रहे हैं। क्योंकि जब आप थोड़ा भी जान जाते हैं और उसे लोगों के समक्ष प्रस्तुत करते हैं तो ऐसा करने से वह आपके चित्त की स्मृतियों में अंकित हो जाता है और यही आपको अपनी शिक्षा में मदद करता है। आप वास्तव में ऐसी शिक्षा प्राप्त करेंगे जो जीवन में आपको एक अच्छा मुकाम दिलाने में सहायक होगी और आपको मानसिक रुप से भी संतुष्टि प्रदान करेगी।

सामान्यत: मंगल दोष जन्म-कुण्डली में लग्न और चन्द्र से देखा जाता है।
आपकी कुण्डली में मंगल लग्न से सप्तम भाव में व चंद्र सेतृतीय भाव में है।

अत: मंगल दोष लग्न कुण्डली में उपस्थित है और चंद्र कुण्डली में उपस्थित नहीं है।
ऐसा माना जाता है कि मंगल दोष वैवाहिक जीवन में समस्याएँ खड़ी करता है।
ऐसा माना जाता है कि अगर एक मांगलिक व्यक्ति दूसरे मांगलिक व्यक्ति से विवाह करता है तो मंगल दोष रद्द हो जाता है।
ग्रह शांति (अगर मंगल दोष उपस्थित हो तो)

उपाय (विवाह से पहले किए जाने चाहिए)

कुंभ विवाह, विष्णु विवाह और अश्वत्थ विवाह मंगल दोष के सबसे ज़्यादा मान्य उपाय हैं। अश्वत्थ विवाह का मतलब है पीपल या बरगद के वृक्ष से विवाह कराकर, विवाह के पश्चात् उस वृक्ष को कटवा देना।

उपाय (विवाह पश्चात् भी किए जा सकते हैं।)

  • केसरिया गणपति अपने पूजा गृह में रखें एवं रोज़ उनकी पूजा करें।
  • हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • महामृत्युंजय का पाठ करें।

उपाय (ये लालकिताब आधारित उपाय हैं जोकि विवाह पश्चात् किए जा सकते हैं)

  • चिड़ियों को कुछ मीठा खिलाएँ।
  • घर पर हाथी-दांत रखें।
  • बरगद के पेड़ की पूजा मीठे दूध से करें।
नोट: हमारा सुझाव है कि इन उपायों को करने से पूर्व किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह ले लें।

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